पुत्र के जन्मदिन पर
वर्ष बीतते क्षण ना लगता, पर
इस बीते बरस में मानों
हर क्षण में वर्ष बीता है
जिसके सानिध्य को तरसे मन, बस
उसके चित्र में चित्त अब रीता है
कोमल कुसुम-किसलय-सा था
पिछली बार जब मिले थे हम
आलिंगन में दबाव ना ज्यादा हो
सोच यही रुकते थे दम
भिज्ञ बस क्रंदन-ध्वनि से
स्मित रेखाओं से थी पहचान
आज साल का हुआ जाता है
पिता की वो नन्हीं सी जान

नन्हें कदम ठुमुक जाते पथ को
नन्हीं आँखें तकती हर शाम
नन्हीं बाँहें फैली-सी होंगी
नन्हीं जीभ लेती पिता का नाम
मचलते हैं हाध, मान पुत्र,
करने तेरा बस एक स्पर्श
याद तुझे कर जानें कैसे,
क्या पता बीता ये बर्ष
तेरी मुस्कान कई बार मुझे
स्वप्न से जगा-सी जाती हैं
तेरी मीठी यादें अक्सर
आँखें नम कर जाती हैं

God bless you dear Adyant.
Happy Birthday to You
Chooo Chweeet Poem….from your Papa.