Feeds:
Posts
Comments

Archive for the ‘Poetry’ Category

कल और आज

भरी दोपहर में होती बारिश देख
याद आ गए वो दिन जब
 
गिरते वारि-बूँदों की आवाज सुन ही
मचल उठते थे पाँव
दौड कर आना आँगन में
तीब्र हवा और तेज जल-धार बीच
अनसुनी करना वो डाँट जो अनर्थक
माँ की मुस्कान छिपाने का प्रयास करते
 
बस भींगना, भींगना और भींगते रह जाना
जल के भार से सिक्त
शरीर से चिपके कपडे और
नंगे पाँव के [...]

Read Full Post »

Sometime back, I watched the movie ‘Gulaal’. Quite an intriguing and arrogant movie, I must say. The Take it or leave it approach of the moviemaker had an impact. Either you would love the movie or you would find it worth running away from the theatre even before the interval.
The storyline and the nakedness [...]

Read Full Post »

पहली बूँद

वैशाख की तपती संध्या में
गिरी पहली बूँद बारिश की
यों, मिल गई खाक में जब,
उत्तर में धरा ने अपनी सुगंध
उडे़ल दी हवा में मंद मंद
कि चल पडा समीर त्रिविध बन । 

  
ऐसे में एक थका तन
पाकर बूँदों की फुहार,
स्पर्श करती बयार और
धरती का सुगंधित प्यार
हो उठा प्रफुल्लित कि जैसे
कर लिया हो प्रेयसी ने आलिंगन-बद्ध ।

Read Full Post »